Tuesday, May 31, 2022

विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World Anti-Tobacco Day)

 


आज 31 मई, मंगलवार का दिन है और आज हम बात करेंगे तंबाकू और उससे होने वाली समस्या जो इंसान और पर्यावरण दोनों को ही नुकसान पंहुचा रही है। तंबाकू और उसे बने हुए पदार्थ का लगातार इस्तेमाल कई गंभीर बिमारियों का कारण बन रहा है। साँस सम्बंधित बीमारिया और कैंसर जैसी गंभीर बीमारिया भी। तंबाकू का इस्तेमाल करने में न सिर्फ पुरुष-महिलाएं बल्कि बच्चे भी शामिल है। जिसके कारण उन बच्चो में जो कम उम्र से ही तंबाकू का इस्तेमाल करने लगते है, उन में कई गंभीर बिमारियों के लक्षण देखे गए है। अब बात अगर तंबाकू का असर पर्यावरण पर कैसे पड़ता है इसकी करे तो तंबाकू से निकलने वाला धुआँ न सिर्फ इस्तेमाल करने वाले को पर हमारे पर्यावरण को भी नुक्सान पहुँचता है। इसके अलावा अगर सिर्गेट के बड की बात करे तोए छोटा सा बड भी प्लास्टिक का होता है जिससे पॉलुशन भी बढ़ता है। सिर्गेट में 7000 से ज्यादा केमिकल होते है जो हवा को भी दूषित करते है। 

इस बार अंतरराष्ट्रीय तंबाकू निषेध दिवस पर WHO ने इसका थीम श्पर्यावरण की रक्षा करेंश् रखा है। इससे WHO का सीधा इशारा पर्यावरण को होने वाले नुकसान की तरफ है। आइये हम सब मिलकर ये प्रण ले की तंबाकू का और उसके अलग.अलग उत्पादों का उपयोग हम नहीं करेंगे और एक हेअल्थी लाइफ जियेंगे।   

Monday, May 30, 2022

हिंदी पत्रकारिता दिवस

नर्मदापुरमए शिवम शर्मा। आज 30 मई सोमवार का दिन है। आज के दिन हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। दरअसल इसे मनाने की वजह यह है कि इसी दिन साल 1826 में हिंदी भाषा का पहला अखबार श्उदन्त मार्तण्डश् प्रकाशित होना शुरू हुआ था। इसका प्रकाशन पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने कलकत्ता में किया था।  उस समय पर कलकत्ता भारत की राजधानी हुआ करती थी।

मेरे लिए भी यह दिन बहुत खास है में उस एक स्तम्भ का हिस्सा हूँ जो भारत की स्वतंत्रा और गणतंत्र को बनाये रखने में हमेशा अपना योगदान देती रहती है। पत्रकारिता सिर्फ सरकार को उसकी खामियां बताना या सरकार से सवाल करना नहीं है पत्रकारिता से हम समाज को सुधारना और समाज को एक सही दिशा में ले जाना भी होता है। जो पत्रकारिता जब हमारा देश गुलाम था तब हमे आज़ादी दिलाने में सहायक बनी वो राष्ट्र को भी सभी तरह की नकारात्मकता से मुक्त करने में भी सहायक बनेगी।

Saturday, May 28, 2022

भारत भाग्य विधाता

आज जिस तरह से हमारा देश आगे बढ़ रहा है वो सहारनीय है।  पर आज भी सांप्रदायिक मन मुटाव के कारन हम जिस रफ़्तार से टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ रहे है उसी रफ़्तार से सामाजिक तौर पर हम पीछे जाते जा रहे है। और ये आज की बात नहीं है जब भारत का बटवारा धर्म के आधार पर हुआ था तब से मुसीबत और बढ़ गयी है। धर्म के नाम पर दंगे फसादए धर्म के नाम पर  राजनीति धर्म के नाम पर सब कुछ बस धर्म के नाम पर सच नहीं। हमारा देश ही दुनिया मैं एक ऐसा देश है जहा इतने सरे धर्मो के लोग एक साथ रहते है और ये बात हमे उन देशो से अलग भी करती है जो सेक्युलर होने की बात तों  कहते है पर उनकी बातों में और उनके काम में जमीं आसमान जितना फर्क है। पर हमारे देश में आज जो माहौल बना रहा है वैसा माहौल सायद ही पहले कभी बना होगा जिस तरह से सोशल मीडिया को गलत तरह से इस्तेमाल करके भारत के साम्प्रदायिक सद्भाव को चोट पहुंचने की कोश्शि करि जा रही है। इस बात से में बिलकुल सहमत नहीं हूँ। भारत एक ऐसा देश है जो सबके लिए है। पर आज कुछ लोग भारत के भाग्य के विधाता बनाने की कोशिश कर रहे है और इससे अपना फायदा करने की कोशिश कर रहे है पर वो ये भूल रहे है की इससे पहले भी कई लोग आये और चले गए पर भारत आज भी अपने पैरों पर खड़ा हुआ है।   

Express your love this Valentine's Day: It's about care, appreciation and care for others and self not expensive gifts; Watch romantic movies

The air is filled with love and affection as the world celebrates Valentine's Day. People are expressing and confessing their feelings t...