आज 31 मई, मंगलवार का दिन है और आज हम बात करेंगे तंबाकू और उससे होने वाली समस्या जो इंसान और पर्यावरण दोनों को ही नुकसान पंहुचा रही है। तंबाकू और उसे बने हुए पदार्थ का लगातार इस्तेमाल कई गंभीर बिमारियों का कारण बन रहा है। साँस सम्बंधित बीमारिया और कैंसर जैसी गंभीर बीमारिया भी। तंबाकू का इस्तेमाल करने में न सिर्फ पुरुष-महिलाएं बल्कि बच्चे भी शामिल है। जिसके कारण उन बच्चो में जो कम उम्र से ही तंबाकू का इस्तेमाल करने लगते है, उन में कई गंभीर बिमारियों के लक्षण देखे गए है। अब बात अगर तंबाकू का असर पर्यावरण पर कैसे पड़ता है इसकी करे तो तंबाकू से निकलने वाला धुआँ न सिर्फ इस्तेमाल करने वाले को पर हमारे पर्यावरण को भी नुक्सान पहुँचता है। इसके अलावा अगर सिर्गेट के बड की बात करे तोए छोटा सा बड भी प्लास्टिक का होता है जिससे पॉलुशन भी बढ़ता है। सिर्गेट में 7000 से ज्यादा केमिकल होते है जो हवा को भी दूषित करते है।
इस बार अंतरराष्ट्रीय तंबाकू निषेध दिवस पर WHO ने इसका थीम श्पर्यावरण की रक्षा करेंश् रखा है। इससे WHO का सीधा इशारा पर्यावरण को होने वाले नुकसान की तरफ है। आइये हम सब मिलकर ये प्रण ले की तंबाकू का और उसके अलग.अलग उत्पादों का उपयोग हम नहीं करेंगे और एक हेअल्थी लाइफ जियेंगे।

